ICC महिला विश्व कप 2025 में पाकिस्तान का सफर समाप्त हो गया है, और इसका अंत सबसे बुरे तरीके से हुआ। एक ऐसे अभियान के बाद जिसमें बहुत उम्मीदें थीं, टीम श्रीलंका से बिना कोई मैच जीते घर लौट रही है, जिससे पाकिस्तान क्रिकेट के आला अधिकारियों में भारी नाराजगी है।
Key Takeaways
- पाकिस्तान ने ICC महिला विश्व कप 2025 को बिना किसी जीत के समाप्त किया।
- PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी ने टीम के ‘विनाशकारी’ प्रदर्शन की तत्काल और व्यापक समीक्षा का आदेश दिया है।
- मुख्य कोच मोहम्मद वसीम को बदले जाने की उम्मीद है, और कोचिंग और प्रबंधन स्टाफ में अन्य बड़े बदलावों की भी संभावना है।
- PCB विदेशी स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोचों को नियुक्त करने और महिला विकास प्रणाली में सुधार करने की योजना बना रहा है।
एक अभियान जो तेजी से बिखर गया
देखिए, इसे कहने का कोई और तरीका नहीं है। यह एक आपदा थी। कप्तान फातिमा सना की टीम विश्व कप क्वालीफायर में शानदार प्रदर्शन के बाद बुलंद हौसलों के साथ आई थी। लेकिन वह आत्मविश्वास पूरी तरह से गायब हो गया। उन्हें बांग्लादेश, भारत और ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा। और ताबूत में आखिरी कील? 21 अक्टूबर को कोलंबो में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 150 रनों की करारी हार, जिसने उन्हें आधिकारिक तौर पर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर कर दिया।
यहां तक कि इंग्लैंड के खिलाफ उनका मैच, जिसमें उनके जीतने का अच्छा मौका था, लगातार बारिश के कारण रद्द हो गया। यह बस उसी तरह का टूर्नामेंट था। विकेटकीपर सिदरा नवाज अपनी निराशा नहीं छिपा सकीं, उन्होंने लगातार मौसम की रुकावटों की ओर इशारा किया जिसने उनके अभियान को प्रभावित किया।
PCB का बड़ा फैसला: मांगे जा रहे हैं जवाब
पाकिस्तान से प्रतिक्रिया तेज और गंभीर थी। 22 अक्टूबर को, PCB चेयरमैन मोहसिन नकवी ने इस बात की तत्काल समीक्षा का आदेश दिया कि आखिर गलती कहां हुई। ऐसा तब तक नहीं होता जब तक कि चीजें गंभीर रूप से खराब न हों। नकवी ने अपनी सलाहकार समिति को इस गड़बड़ी की तह तक जाने का काम सौंपा है, और बड़े बदलाव होने वाले हैं।
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बात यह है कि कोचिंग स्टाफ सीधे निशाने पर है। मुख्य कोच मोहम्मद वसीम को टूर्नामेंट के बाद बदला जाना लगभग तय है। लेकिन यह यहीं नहीं रुकेगा। गेंदबाजी कोच जुनैद खान और स्टाफ के अन्य सदस्यों को भी फिर से नियुक्त किया जा सकता है या पूरी तरह से हटाया जा सकता है।
विशेषज्ञ विश्लेषण: गहरी जड़ें जमा चुकी समस्याएं
पूर्व खिलाड़ी हैरान नहीं हैं। वे कुछ समय से चेतावनी दे रहे थे। पूर्व कप्तान जावेरिया खान और तेज गेंदबाज कबीर खान ने बल्लेबाजी इकाई की खुले तौर पर आलोचना करते रहे हैं, उन्होंने इस स्तर पर आवश्यक शक्ति की कमी और कौशल की स्पष्ट कमी की ओर इशारा किया। उनका तर्क है कि समस्या सिर्फ मैदान पर मौजूद खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि वह प्रणाली है जो उन्हें तैयार करती है।
आलोचक इस तथ्य की ओर भी इशारा करते हैं कि PCB की महिला विंग का नेतृत्व राफिया हैदर कर रही हैं, जो एक नौकरशाह हैं और उन्हें क्रिकेट का कोई पूर्व अनुभव नहीं है। इससे देश में महिला क्रिकेट की रणनीतिक दिशा और विकास को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सोशल मीडिया पर चर्चा: फैंस और पंडितों की राय
हालांकि डेटा में विशिष्ट सोशल मीडिया पोस्ट का विवरण नहीं है, लेकिन जावेरिया खान और कबीर खान जैसे पूर्व खिलाड़ियों की आलोचना निराशा की एक व्यापक भावना को दर्शाती है। एक मजबूत घरेलू ढांचे और बेहतर प्रतिभा विकास की मांग तेज हो गई है, जो उन प्रशंसकों द्वारा महसूस की गई निराशा को दर्शाती है जिन्होंने टीम की शानदार शुरुआत को बिना जीत वाले अभियान में बदलते देखा।
तो, आगे क्या?
PCB सिर्फ चेहरे बदलने की बात नहीं कर रहा है; वे पूरी व्यवस्था को बदलने की बात कर रहे हैं। टीम के शारीरिक मानकों को बढ़ाने के लिए विदेशी स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोचों को लाने की योजना पहले से ही चल रही है। वे खिलाड़ी पूल का विस्तार करना चाहते हैं और सीनियर और U19 दोनों टीमों को अधिक अंतरराष्ट्रीय अनुभव देना चाहते हैं।
लक्ष्य यह है कि अधिक खिलाड़ियों को विदेशी लीगों में भेजा जाए और एक ऐसी टीम बनाई जाए जो वास्तव में प्रतिस्पर्धा कर सके, न कि केवल भाग ले सके। लेकिन क्या एक समीक्षा और कुछ नए कोच उन समस्याओं को ठीक कर सकते हैं जो इतनी गहरी लगती हैं? यह तो वक्त ही बताएगा। आपको क्या लगता है कि उन्हें सबसे पहले क्या ठीक करने की जरूरत है?



